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Know All About Mutual Fund- म्यूच्यूअल फण्ड इन हिन्दी

 

 

 

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Mutual Fund In Hindi-म्यूच्यूअल फण्ड

 दोस्तों आप तो जानते ही है,जब भी बात अपने पैसो को कही निवेश(इन्वेस्ट) करने की आती है तो सबसे पहला सवाल हमारे दीमक में यही आता है की कहा निवेश करे?कैसे निवेश करे? कितना फायदा होगा? कितने समय के लिए निवेश करे? कुछ लोगो को तो निवेश करने से ही दर लगता है वो सिर्फ Saving,Fixed,recurring deposite जैसे अकाउंट में ही फस कर रह जाते है क्युकी Risk लेना उन्हें Risky लगता है, वैसे तो निवेश करने के कई जरिये है जैसे की Stock Market,Gold and Silver,Bonds,Investment Funds,Cash equivalent इत्यादि,लेकिन अगर आप निवेश में नये है और ज्यादा risk भी नहीं लेना चाहते तो म्यूच्यूअल फण्ड आपके लिए काफी बेहतरीन साबित होगा इसके लिए चलिए म्यूच्यूअल फण्ड को सबसे आसान भाषा में समझते है |

  • What Is Mutual Fund – म्यूच्यूअल फण्ड क्या है
  • Types Of Mutual Fund – फण्ड के प्रकार

 

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What Is Mutual Fund – म्यूच्यूअल फण्ड क्या है ?

 

 

  1. एक म्यूच्यूअल फण्ड स्कीम निवेशको से पैसा इकठा करती है और एक साथ share खरीदती और बेचती है
  2. निवेशको की एक बड़ी संख्या के द्वार जमा राशि को म्यूच्यूअल फण्ड कहते है
  3. फण्ड मेनेजर अपने कौसल का प्रयोग करके राशि को अलग –अलग वितीय साधनों में कई तरह से निवेश करता है जिससे उसका risk और रेतुर्न निर्धारित होता है

जब बहुत से लोग मिल कर एक फण्ड में पैसा लगाते है तो उस फण्ड को बराबर हिस्सों में बाट दिया जाता है जिसे इकाई या UNIT भी कहते है, म्यूच्यूअल फण्ड के जरिये न सिर्फ इक्विटी या share बाजार में निवेश कर सकते है बल्कि Debt,गोल्ड और कमोडिटी में भी पैसा लगाया जा सकता है ,लेकिन बाजार की आपको ज्यादा समझ नही है तो म्यूच्यूअल फण्ड आपके लिए सबसे आसान जरिया है ,इसके लिए भी सही म्यूच्यूअल फण्ड का चुनाव करना आपके लिए जरुरी है ,उसके पहले म्यूच्यूअल फण्ड का एक उदाहरन जान लेते है

जैसे की कुछ लोग मिलकर एक जमीन खरीदना चाहते है और उसकी कीमत 1 लाख रूपये है अब अगर इसे 10 रूपये की यूनिट में बाटेंगे तो 10,000 यूनिट बनेंगे,निवेशक जितना चाहे अपनी समता के अनुसार खरीद सकते है. अगर आपके पास सिर्फ 1000 रूपये है तो आप 1०० यूनिट खरीद सकते है साथ ही उस जमींन में आपकी हिस्सेदारी भी हो गयी .

अब एक महीने बाद इस जमीन की कीमत 1 लाख से बढ़कर 1,20,000 हो गयी,इसके हिसाब से 10रूपए की यूनिट बढ़कर 12रूपए हो गयी है और

आपके निवेश की रकम 1000 बढ़कर (100*12)1200 हो चूका है. Mutual Fund का सबसे बड़ा फायदा यह है की जिसे बाजार की समझ नहीं होती वह अपना निवेश

विशेषज्ञों के हाथो में छोड़ देता है और उसे कब,कहा कैसे निवेश करना है यह विशेषज्ञों निर्धारित करते है.

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Types Of Mutual Fund – फण्ड के प्रकार

ओपन एंडेड योजना

ओपन एंडेड योजना अवधि के दौरान किसी भी समय निवेशक यूनिट को खरीद या बेच सकता है,इसकी कोई maturity नहीं होती ,आप जब चाहे अपने निवेश को लिक्विड में परिवर्तन कर सकते है क्युकी इसमें तरलता रहती है ,कुछ ओपन एंडेड योजना में लॉक इन पीरियड भी होता है ,इसके दौरान आप अपने निवेश को रीडिम नहीं कर सकते ,इसके कुछ श्रेणी है

  • इक्विटी फण्ड

यह वह स्कीम है,जिसमे कंपनी निवेशको से जमा किये हुए पूंजी का सबसे ज्यादा भाग निवेश करती है,दुसरे फण्ड से COMPARE करने पर इसमें घाटा होने के चांस भी अधिक होती है,इसलिए इसे हाई risk स्कीम भी कहते है,हलाकि छोटी अवधि के लिए इसमें ज्यादा risk होता है,लेकिन लम्बी अवधि के लिए अगर आप निवेश करे तो प्रॉफिट होने के भी अच्छे चांस रहते है,इस प्रकार के स्कीम ऐसे निवेशको के लिए होते है ,जो risk लेने से डरते नहीं ,इक्विटी फण्ड के कुछ श्रेणीया है

ELSS FUND,मिड कप स्माल कप फण्ड,डाइवर्सिफाइड फण्ड(सब फण्ड में risk और लाभ अलग अलग होते है)

  • डेब्ट फण्ड

इस स्कीम में किया गया निवेश कॉर्पोरेट,लोन और सरकारी स्कीम में लगाया जाता है,इसमें लगाया गया पैसा वापस होने ही सम्भावना अधिक होती है,ये स्कीम उन लोगो के लिए सबसे बेहतर है जो लो risk लेना पसंद करते है,इक्विटी स्कीम के मुकाबले इसमें कम प्रॉफिट होता है लेकिन कम जोखिम के साथ यह फण्ड एक निश्चित आय देने में सक्षम है.

  • लिक्विड फण्ड

थोड़े समय के लिए अगर आपके पास पैसे पड़े है तब आप इसे लिक्विड फण्ड में निवेश कर सकते है ,यह निवेश किये गये पैसो को शोर्ट टर्म डेब्ट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करते है,कम चार्जेज के साथ यह एक सुरक्षित निवेश का CHOOSE देते है,इसे मनी मार्किट म्यूच्यूअल फण्ड भी कहते है.

  • बैलेंस फण्ड

LOW RISK,HIGH PROFIT की चाह रखने वालो के लिए यह फण्ड सबसे बेहतरीन है,निवेशको दवरा निवेश किये गए पैसो को कंपनी इक्विटी और डेब्ट दोनों फण्ड में निवेश करती है इसका MAIN उद्हेश अंत में भारी मात्रा में धन कमाना होता है,कंपनी बाजार के उतार-चढाव को ध्यान में रखते हुए share मार्किट में निवेश करती है ताकि ज्यादा PROFIT कमा कर निवेशको को उनका Return दिया जा सके .

  • गिल्ड फण्ड

इसे सबसे ज्यादा सुरक्षित माना जाता है ,क्युकी निवेशको द्वरा निवेश किये गए सारे पूंजी को कंपनी सरकारी योजना में लगा देती है,हलाकि इसमें सरकारी बैकअप होने के चांस अधिक होते है इसलिए पैसा डूबने का खतरा ना के बराबर रहता है .

क्लोज्ड एंडेड योजना

     इस योजना में पहले ही निवेश किया जाता है जब NEW FUND OFFER जारी किया जाता है,उसी समय इसकी maturity तय की जाती है,इसमें निवेश करने के बाद बिच में से इसमें से बाहर नही निकला जा सकता जब तक MATURITY पूरी नहीं होती.CLOSED ENDED YOJNA दो प्रकार के होते है

  • कैपिटल प्रोटेक्शन फण्ड

इस फण्ड में निवेश की गयी हुई राशि का कुछ हिस्सा सिक्यूरिटी के तौर पर जमा किया जाता है जो की फिक्स्ड होती है, उसके बाद प्रॉफिट कमाने के लिए निवेश करते है ,थोडा पैसा इक्विटी में भी निवेश किया जाता है,इस फण्ड में कैपिटल को सुरक्षित रखने का ज्यादा दबाव रहता है क्युकी यह एक क्लोज्ड एंडेड योजना होती है इसलिए MATURITY डेट तक ही निवेश किया जा सकता है,इसके वजह से भी इसमें हाई risk की सम्भावना कम हो जाती है या यू कहे की risk ही नहीं रहता |

  • फिक्स्ड Maturity फण्ड

फिक्स्ड MATURITY फण्ड की भी MATURITY डेट पहले से ही निश्चिय रहती है और इस फण्ड में निवेश किया गया पैसा डेब्ट इंस्ट्रूमेंट में लगाया जाता है,इसके चार्जेज भी कम होते है और ये भी एक तरह से लो risk स्कीम फण्ड साबित होता है.

                                                ||धन्यवाद||

 

दोस्तों आशा करती हु इस पोस्ट के माध्यम से आपके सभी Dout क्लियर हो गये होंगे,तब भी अगर कुछ पूछना हो तो comment के जरिये पुछ सकते है,अपने दोस्तों के साथ इस पोस्ट को SHARE करना न भूले |

 

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